Tuesday, January 12, 2010

प्रभू मोरे अवगुण चित न धरो /सूरदास

प्रभू मोरे अवगुण चित न धरो ।
समदरसी है नाम तिहारो चाहे तो पार करो ॥
एक जीव एक ब्रह्म कहावे सूर श्याम झगरो ।
अब की बेर मोंहे पार उतारो नहिं पन जात टरो ॥

1 comment:

  1. प्रभू मोरे अवगुण
    चित न धरो ।

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